10 भली पत्नी कौण पाँ सकै सै?
क्यूँके उसका मोल तो मूँगों तै बाध सै।
11 उसकै पति कै मन म्ह उसके प्रति बिश्वास सै,
अर उसनै लाभ की कमी न्ही होन्दी।
12 वो अपणी जिन्दगी के सारे दिनां म्ह उसतै बुरा कोनी,
बल्के भलाए बरताव करै सै।
13 अर वा ऊन और सण ढूँढ़-ढूँढ़ कै,
अपणे हाथ्थां तै खुशी के गैल काम करै सै।
14 वो अपणे कारोबार के जहाज के समान अर अपणी खाण-पीण की चिज्जां बड़ी दूर तै मँगवावै सै।
15 वा सबेरै बखत तै उठै सै,
अर अपणे परिवार ताहीं खाणा बणावै सै,
अर अपणी नौकराणियाँ नै अलग-अलग काम देवै सै।
16 वा किसे खेत कै बारै म्ह सोच्चै सै
अर उसनै मोल ले लेवै सै; अर अपणी मेहनत तै अंगूर का बाग लगावै सै।
17 वा अपणी कमर नै ताकत तै कस लेवै सै,
अर अपणी बाजुआं नै मजबूत करै सै।
18 वो जाण ले सै के मेरा व्यापार फायदेमन्द सै।
वो देर रात ताहीं काम करै सै।
19 वा अटेरन म्ह हाथ लगावै सै,
अर चरखै नै पकड़ै सै।
20 वा दीन के खात्तर मुट्ठी खोल्लै सै,
अर कंगालां नै सम्भाळण खात्तर अपणा हाथ बढ़ावै सै।