11 उसकै पति कै मन म्ह उसके प्रति बिश्वास सै,
अर उसनै लाभ की कमी न्ही होन्दी।
13 अर वा ऊन और सण ढूँढ़-ढूँढ़ कै,
अपणे हाथ्थां तै खुशी के गैल काम करै सै।
15 वा सबेरै बखत तै उठै सै,
अर अपणे परिवार ताहीं खाणा बणावै सै,
अर अपणी नौकराणियाँ नै अलग-अलग काम देवै सै।
16 वा किसे खेत कै बारै म्ह सोच्चै सै
अर उसनै मोल ले लेवै सै; अर अपणी मेहनत तै अंगूर का बाग लगावै सै।
17 वा अपणी कमर नै ताकत तै कस लेवै सै,
अर अपणी बाजुआं नै मजबूत करै सै।
20 वा दीन के खात्तर मुट्ठी खोल्लै सै,
अर कंगालां नै सम्भाळण खात्तर अपणा हाथ बढ़ावै सै।
26 वा बुद्धि की बात बोल्लै सै,
अर उसके शब्द कृपा की शिक्षा के मुताबिक होवै सै।
27 वा अपणे सारे घराने के चाल-चलण नै ध्यान तै देक्खै सै,
अर अपणी रोट्टी बिना मेहनत के न्ही खान्दी।