18 तेरा जल-कुण्ड धन्य रहवै; अर अपणी जवान्नी की बिरबान्नी गैल राज्जी रह,
19 वा तेरे खात्तर प्यारी अर सुन्दर हिरणी की ढाळ हो,
उसके स्तन सदा तन्नै संतुष्ट राक्खै,
अर उसे का प्यार रोज तन्नै अपणी ओड़ खींचदा रहवै।
20 हे मेरे बेट्टे, तू जार जनान्नी पै क्यूँ मोहित होवै,
अर पराई जनान्नी नै क्यूँ छात्ती कै लगावै?