4 और से जमीना पाँदे रूड़ी गा और तिने प्रभुए री ये आवाज सुणी, "ओ शाऊल! ओ शाऊल! तूँ माखे कऊँ सताणे लगी रा?"
4 और से जमीना पाँदे रूड़ी गा और तिने प्रभुए री ये आवाज सुणी, "ओ शाऊल! ओ शाऊल! तूँ माखे कऊँ सताणे लगी रा?"