37 से चुरासी साला ते बिदुआ थी और जादातर मन्दरो रे रओ थी, से बअरत और प्रार्थना करी की रात-दिन भक्ति करदी रओ थी।
37 से चुरासी साला ते बिदुआ थी और जादातर मन्दरो रे रओ थी, से बअरत और प्रार्थना करी की रात-दिन भक्ति करदी रओ थी।