18 आऊँ समजूँआ कि एस बखतो रे दु:ख और क्ल़ेश, तेसा महिमा रे सामणे, जो आसा पाँदे प्रगट ऊणे वाल़ी ए, कुछ पनिए।
18 आऊँ समजूँआ कि एस बखतो रे दु:ख और क्ल़ेश, तेसा महिमा रे सामणे, जो आसा पाँदे प्रगट ऊणे वाल़ी ए, कुछ पनिए।