10 दुख केरनेबालां केरे ज़ेरेम, पन सदा आनन्द केरतम, कंगालम, पन बड़े लोकन आत्मिक धनी केरतम; एरेम कि असन कां किछ भी नईं फिरी भी सब किछ रखतम।
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10 दुख केरनेबालां केरे ज़ेरेम, पन सदा आनन्द केरतम, कंगालम, पन बड़े लोकन आत्मिक धनी केरतम; एरेम कि असन कां किछ भी नईं फिरी भी सब किछ रखतम।