20 हे बच़ाव, सेब्भी गल्लन मां अपने-अपने अम्मा बाजी केरो हुक्म मन्ना, किजोकि प्रभु इस सेइं खुश भोते। 21 हे बच्चन बालव, अपने बच्चन तंग न केरा, एरू न भोए कि तैन केरि हिम्मत न ट्लुटे।
Publicidade
20 हे बच़ाव, सेब्भी गल्लन मां अपने-अपने अम्मा बाजी केरो हुक्म मन्ना, किजोकि प्रभु इस सेइं खुश भोते। 21 हे बच्चन बालव, अपने बच्चन तंग न केरा, एरू न भोए कि तैन केरि हिम्मत न ट्लुटे।