32 अळतेन मे ज्य चाहो की तुहुंंक फीकुर नी हवे। नी ईयाव करलु अदमी मालीकेन वातेन फीकुर मां रवे की मालीक काजे कसु खुस राखे। 33 बाकुन ईयाव करलु माणुस कळीन वातेन फीकुर मां रवे की आपणी बायरी काजे काहाली रीत सी खुसी करे। 34 ईयाव करला ने कुवारली मां बी छीट छे; कुवारली मालीकेन फीकुर मां रवे की चु डील ने आत्मा दुयु मां चुखला रवे, बाकुन ईयाव करली कळीन फीकुर मां रवे की आपणा अदमी काजे कसी खुस राखे।