आखा माणसेन छुटकारा वाटे वीन्ती करनु जरुड़ी छे
1 अतरे ए तीमुथीयुस, मे जी वात कहीन पेहली अगवाय करो, जत्यार बी ईसुक मान्या, भगवानेन भक्ती करने करीन भेळा हया, तीने टेमे आपसान करता अतरात नी, बाकुन आखा माणसेन करता भगवान धड़े रवण्या, वीन्ती ने दुवा करनु चाहजे, ने आखान करता भगवान काजे बेसकु वारु कहणु चाहजे। 2 राजा ने सरकारी आफसर वाटे बी भगवान धड़े दुवा करनु चाहजे तेरेमां की आपणु भक्तीन जीवाय ने ईज्जत भेळा सांती मां मेळीन रवणेन मुखु जड़से। 3 जु भगवान आपणु काजे पापेम सी छुड़ावे तीना काजे बी जी वात वारु लागे।