4 कदी काहना रांडायला बायरान पुर्या-पारी नीते पुर्यान पुर्या हय ती चे पेहल आपसात घराणा मां रांडायलान सेवा चाकरी करीन आपसी भक्तीन उळखाण देणु चाहजे। काहाकी आपणा आस्या-बास्या नानला हतला ती चे परम सी आपणी सेवा चाकरी कर्या तीनी सेवा चाकरी काजे पछी वाळनु चाहजे, ती भगवान काजे बी गमे।
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