आकरी दाहड़ा मां काय हवसे ची वात
1 जी वात वारु हेर राख्जु की आकरी दाहड़ा मां काठली टेम आवसे। 2 काहाकी तीने टेमे माणसेन पाप बेसकु बड़ जासे। तत्यार माणसे, पयस्यान हायाळ्ळा, ने आपसान भलो हवणे चाहजे असी हेर करन्या, ने सोवकारला बणीन मटाय करन्या, ने भगवानेन नाव-बद्दी करन्या ने आस्या ने बासेन हुकुम नी मान्या बण जासे। तीनु माणसेन हीया मन मां भक्तीन वीच्यार ने भलाय करन्याक वारु कर्यु कवणेन वीच्यार नी रवे; 3 ने परमेन वीच्यार, ने माफ करनेन वीच्यार बी नी रवे। चुरी-चुगली करन्या, जसों पटे तसों करन्या, बीन दयाळा, जो बी भलो छे, तेरी वीरुद करन्या,