4 ने हयु तींद्रा डुळा सी आखा आसा नुछी देसे, ने तेरे पछेन मरण नी रवसे, ने नी दुख, नी आयड़्नु, नी पीड़ा रवसे; पेहली वाते जाती रय।
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4 ने हयु तींद्रा डुळा सी आखा आसा नुछी देसे, ने तेरे पछेन मरण नी रवसे, ने नी दुख, नी आयड़्नु, नी पीड़ा रवसे; पेहली वाते जाती रय।