जीवनेन बुल
1 कळी घड़ायणे सी पेहलुत बुल हतलो, ने बुल भगवान पुठ्ये हतलो, ने बुल भगवानुत हतलु। 2 च बुल कळी सी पेहेल भगवान साते हतलो। 3 कळी मां ज आखो काय तेरे सीत बण्यो, ने ज काय बण्यो तेरेमां सी काय बी चीज तेरे पाखुर नी बण्यो।
1 कळी घड़ायणे सी पेहलुत बुल हतलो, ने बुल भगवान पुठ्ये हतलो, ने बुल भगवानुत हतलु। 2 च बुल कळी सी पेहेल भगवान साते हतलो। 3 कळी मां ज आखो काय तेरे सीत बण्यो, ने ज काय बण्यो तेरेमां सी काय बी चीज तेरे पाखुर नी बण्यो।