गुनाळा साते वेहवार
15 "कदी तारु भाय तारे वीरुद मां गुनु करे, ती जां अलग ली जाय्न वात करीन तीनाक समजाड़; कदी चु तारी सामळे ती, तु तारा भायस काजे हेर लेदु। 16 कदी चु नी सामळे, ती अळी एक नीते दुय जणा काजे साते लीन जां, की ‘एक-एक गुनु दुय नीते तीन जणान गवा छाचली हय जाय असो चुखली-सास्तुर मां लिखलो छे।’ 17 कदी चु तींद्री बी नी माने, ती मंडळी मां कय दे, बाकुन कदी हयु वां बी नी माने ती तु तीना काजे नी-यहुदी ने फाळु लेणे वाळान तसु जाण।