37 ईसु तीनाक कह्यु, "तु भगवान काजे आपणा मालीक सी आपणा आखा मन ने आपणा आखा जीव ने आपणी आखी अक्कल सी परम राख्जी। 38 आखा सी मट्ली ने खास हुकुम छे। 39 ने दीसरु हुकुम बी हेरेन तसु छे, आपणा चांदेवाळा माणसे सी आपणेन तसुत परम राख्जी। 40 जीत दुय हुकुम22:40 आज्ञा आखी मुसान साहरे लिखला सास्तुर ने भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात देखाड़ने वाळान नेवु छे।"