24 जब ऊ धनी राज सुरक्छित महसूस करी, तबै ऊ उनखर हे हमला करी अउ असना सफल मिली, जसना न तो ओखर बाफ दादा अउ न ओखर सियान पाय रथै, ऊ लुटे अउ छंडाय गय चीजन अउ डेरा के अपन मनसेन के बीच हे बांट देही, ऊ किला के जीतै के निता जुगाड बनाही, पय चुटु टेम के निता।
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