37 अब मै नबूकदनेस्सर स्वरग कर राजा के स्तुति अउ महिमा करथों, अउ आदर देथों, ऊ जउन कुछु करथै, बढिया करथै, ऊ सब नियाव पूरा करथै, जउन मनसे घमंड लग चलथै, उके ऊ नीचा कर सकथै।
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37 अब मै नबूकदनेस्सर स्वरग कर राजा के स्तुति अउ महिमा करथों, अउ आदर देथों, ऊ जउन कुछु करथै, बढिया करथै, ऊ सब नियाव पूरा करथै, जउन मनसे घमंड लग चलथै, उके ऊ नीचा कर सकथै।