18 पय भगवान के पवितर मनसे ऊ राज के पइहीं, अउ जुगजुग ओखर साहब बने रइहीं।7:18 परकासितवाक्य 22:5
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18 पय भगवान के पवितर मनसे ऊ राज के पइहीं, अउ जुगजुग ओखर साहब बने रइहीं।7:18 परकासितवाक्य 22:5
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