61 अउ परभु मुडके पतरस के पल्ला देखथै, ता पतरस परभु के ऊ बात के सुरता आथै जउन ऊ उके गुठे रथै, अभिनैन कुकडी बांसतै मोके तीसर बार मना करबे। 62 अउ पतरस भीड लग बाहिर छो निकडके, सिसक-सिसक के रोथै।
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61 अउ परभु मुडके पतरस के पल्ला देखथै, ता पतरस परभु के ऊ बात के सुरता आथै जउन ऊ उके गुठे रथै, अभिनैन कुकडी बांसतै मोके तीसर बार मना करबे। 62 अउ पतरस भीड लग बाहिर छो निकडके, सिसक-सिसक के रोथै।