1 ता मै ऊ सगलू अंधियार देखों कि जउन बेरा के तरी होथै, अउ का देखों कि अंधियार सहैबाले के आंसू बहथै, अउ उनखर कोनो सान्ति देय बाले नेहको, अंधियार करै बाले के हाथ हे सक्ति रथै, पय उनके सान्ति देय बाले नेहको रथै। 2 इहैनिता मै मरेहर के जउन मर चुके हबै, उन जिन्दा लग जउन अबे जिन्दा हबै जादा धन्य कथै, 3 पय उन दुनो लग जादा निक्खा ऊ हबै जउन अबहुन होय नेहको हबै, अउ न हइ बेकार काम देखे जउन बेरा के तरी होथै।
4 ता मै सगलू मेहनत के कामन अउ सगलू सफल कामन के देखों जउन मनसे अपन परोसी लग जलन के कारन करथै, हइ बेकार हबै अउ हवा के पकरै के जसना हबै। 5 मूरख छाती हे हाथ धरे रथै, अउ माना अपन खुदय के बरबाद करथै। 6 चैन के संग अक मुट्ठी उन दुइ मुट्ठिन लग निक्खा हबै, जिनखर संग मेहनत अउ माना हवा के पकडै कर जसना हबै। 7 फेर मै बेरा के तरी हइ बेकार बात देखों। 8 अगर मनसे अकेल्ले हबै, ओखर टोरवा नेहको, भाई नेहको, अगर ऊ लगेतार कमाउत जथै, ओखर मेहनत के कउनो आखरी नेहको, ओखर आंखी धन डेरा लग भरपूर नेहको होथै, ऊ अपन खुद कबहुन पूंछथै नेहको, मै हइ सगलू मेहनत केखर निता करथो, अउ काखे खुद के सुख चैन लग वंचित करथो? हइ बेकार हबै, अउ हइ दुखत काम हबै। 9 अकझन लग दुइठे मनसे निक्खा होथै, काखे उनही उनके मेहनत के निक्खा फडुहा मिलथै। 10 अगर उनखर मसे अक्ठी गिरथै, ता दूसर उके उठाय सकथै, सोक उके जउन अकेल्ले हबै अगर ऊ गिर जाय ता उके कोनहर उठाही? 11 अगर दुनो अक संग सोहीं ता गरम रइहिन पय अकेल्ले मनसे अपन के कसना गरम कर सकथै? 12 अगर कउ अकेल्ले हे परबल होय, पय दुनो ओखर सामना कर सके, जउन डोरा तीन सूत लग बन्धे हर ऊ हरबी नेहको टूटथै। 13 हुसियार जबान गरीब होय लग असना डोकरा अउ मूरख राजा लग निक्खा हबै, जउन सलाह नेहको मानथै। 14 फेर चाहे जबान जेल लग राजगद्दी हे पहुंचे होय, चाहे ऊ अपन राज हे गरीब पइदा होय हुइ। 15 मै देखों कि बेरा के तरी रहै बाले अउ चलै बाले सगलू मनसे राजा उतराधिकारी जबान के अनुसरन करथै। 16 उन सगलू मनसे अनगिनत रथै, जिनखर हे ऊ परधान होय रथै, तबो भभिस्य हे होय बाले मनसे ओखर कारन मगन नेहको हुइहिन, निसंदेह हइ बेकार अउ हवा के पकडै कर जसना हबै।