34 अरे सपुवा कर लरका तुम बेकार हुइके कसके निक्खा बात गुठे सकथा? जउन मन हे भररे हर हबै उहै बात मुंह लग बाहिर निकडथै।
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34 अरे सपुवा कर लरका तुम बेकार हुइके कसके निक्खा बात गुठे सकथा? जउन मन हे भररे हर हबै उहै बात मुंह लग बाहिर निकडथै।
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