भाई अउ बेहन जउन पाप करथै
15 अगर तुम्हर भाई तोर बिरोध अपराध करथै, ता अकेल्ले हे जाय के ओही समझा, अगर ऊ तोर बात के सुनही, ता तै अपन भाई के जीत लय हबस। 16 अगर ऊ नेहको सुनथै, ता अक्ठी दुइ झन के अपन संग लइ जा, तब दुइ या तीनठे गवाह लग हर बात के फइसला करे जही, दुइठे या तीन गवाह लग निहचित करे जाय, जसना कि हइ पवितर किताब कथै। 17 अगर ऊ उनखरो नेहको सुनथै, ता मंडली लग गुठे दे, पय ऊ मंडली के बात नेहको सुनथै, ता तै उके गैर यहूदी मनसे अउ पइसा उगाहै बाले जसना समझ ले।
रोकबे अउ आदेस देबे
18 "मै तुम्हर लग सही कथो, कि जउन कुछ तुम हइ भुंइ हे बंधिहा, ऊ स्वरग हे बंधरही, जउन कुछ तुम हइ भुंइ हे छोरिहा, ऊ स्वरग हे छोररही।"
19 मै फेरै तुम्हर लग सही कथो, कि अगर कउनो के बारे हे तुम मसे दुइ झन भुंइ हे अक्ठी मन होय के मंगिहा, ता स्वरग हे रहै बाले मोर बाफ के दवारा ऊ मिल जही। 20 काखे जिहां कहुं मोर नाम लग दुइ या तीन झन अकजुट होथै, उछो उनखर बीच हे मै खुद होतो।