25 मै तुम्हर लग कथो, चिन्ता झइ करा अउ न अपन जीवन चलामै के निता कि हम का खइ या का पी, अउ न अपन देह के निता कि हम का पेहनी। का जीवन खाना लग अउ का देह के खुरथा पइजामा लग बढके नेहको हबै? 26 बादर के चिरइयन के देखा, ऊ न तो बोमै न काटै न कोठला हे भरथै, तउभरमा तुम्हर स्वरग कर बाफ चिरइयन के खबाथै, का तुम्हर कीमत उनखर लग बढके नेहको हबै? 27 तुम मसे कउन असना मनसे हबै? जउन चिन्ता करके अपन उमर अक्ठी पल अउ बढाय सकथै।
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