दूसरन के नियाव करै के
1 दूसरन के नियाव झइ करा, ताकि भगवान तुम्हर नियाव झइ करै। 2 जउन मेर लग तुम नियाव करथा, उहै मेर तुम्हर उप्पर नियाव करे जही, अउ जउन नाप लग तुम नापथा, उहै नाप लग तुम्हर निता नापे जही। 3 जब तुमही अपनै आंखी के किरकिरी पतय नेहको, ता तुम अपन भाई बेहन के आंखी के किरकिरी काखे देखथा? 4 जब तुम्हरेन आंखी हे किरकिरी हबै, ता तुम अपन भाई बेहन लग कसना कहि सकथा, लाबा, मै तुम्हर आंखी के किरकिरी निकार दो? 5 हे ढोंगहा, आगू अपन आंखी के किरकिरी निकार, फेर तै अपन भाई बेहन के आंखी लग किरकिरी निकार सकहे।