20 आरु त्यो गोवान चिट्ठीन को लीन सन्दुक मा मेल दीदो, आरु सन्दुक मा डान्डान को लगाड़ीन उना उपर पछतावान ढाकना को मेल दीदो; 21 आरु त्यो सन्दुक को निवास मा पुगाड़ीयो, आरु वीचवाळा परदा को लटकाड़ीन गोवा पत्रीन सन्दुक को ओको माहयतो करीयो; जिना रीतिये सी योहोवा मुसा को हुकुम आपलो हुतो।