11 यो नी कि हाव आपसी घटीन कारण यो कयतो छे; काहकि हाव ने यो सिक्यो छे कि जिन दशा मा छे; ओको मा सन्तोष करू। 12 हाव दीन भी होयनो जानतु छे आरू बढ़ने भी जानतु छे; हर एक वात आरू सब दशा मा हाव ने तृप्त हुयने, भूकलो रोवने, आरू वदने घटने सिक्यो छे। 13 जो मखे शक्ति देतो छे तीनामा हाव सब काही कर सकतो छे।