हाजिरा आरु इश्माएल
1 अब्राम क लाड़ी सारै क कोय ओवलियाद नी होती। ओकी हाजिरा नाव क एक मिसरी दासी होती। 2 सारै ने अब्राम सी कोहि, "देख, योहोवा न तो मारी कुख बोन्द राखली छे, ओतरान कोरिन हांव तार सी विनत कोरो कि मारी दासी क पास जा; सम्भव छे की मारो घोर ओके द्वारा बोस जाय।" सारै क यी वात अब्राम न मान लिदो। 3 ओतरान कोरिन जोत्यार अब्राम क कनान देश मा रोहता दोस साल वित गोया ती ओकी लाड़ी सारै न आपसी मिसरी दासी हाजिरा क लीन आपसा घोरवाळा अब्राम क आपी, की हुयी हेरी लाड़ी होये।