17 परमेश्वर न हेना पुर्या क सोमळ्यो, आरु ओका दुत न सोरोग सी हाजिरा क आयड़ीन कया, "हे हाजिरा, तारे काय होय गोयो? मा बिहये; काहकी जा तारु पुर्यु छे चां सी ओकी ओवाज परमेश्वर क सोमवली छे। 18 उठ, आपसा पुर्या क चूट आरु आपसा हात सी सोमाळ; काहकी हांव ओका द्वारा एक मोटी जाति बोनावीस।" 19 ती परमेश्वर न ओका डुळा उगाड़ दिदो, आरु ओको एक कुवो देखा पोड़्यो; ती हुयी जाईन थोयली क पानी भोरीन पुर्या क पावी।