23 आरु काय मानसे, काय ढुरे, काय रेंगनेवाळा जिवे, काय आकाश क चिल्ला, जे धोरती पोर हुता आखा कोळी पोर सी मोर मिट गोया; केवल नुह, आरु जोतरा ओका सात ढोन्ड्या मा हुता, चेत वाच गोया।
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23 आरु काय मानसे, काय ढुरे, काय रेंगनेवाळा जिवे, काय आकाश क चिल्ला, जे धोरती पोर हुता आखा कोळी पोर सी मोर मिट गोया; केवल नुह, आरु जोतरा ओका सात ढोन्ड्या मा हुता, चेत वाच गोया।