6 ओळतेन ओसो हुयो कि चाळीस दाहड़ा क वाद मा नुह आपसा बोनावला ढोन्यान खिड़की उगाड़ीन, 7 एक हाड़गावाक उड़ाय दिदो: जोत्यार लोगुन पानी धोरती पोर गोथो सुख्यो नी, तालोक लोगुन हाड़गावो ओथोन ओथो फिरतो रोयो। 8 ओळतेन हेर जुळ एक पेरवी काजे वी उड़ाय देदो ने देख्यो कि जळ धोरती पोर सी घोट्यो की नी। 9 तेनी पेरवी काजे आपसा पाय टेकवने वाटे काय साहरो नी जोड्यो, ती ची पोछी तेरेनचा ढोन्ड्या पोर आतरोय : काहकी आखी धोरती पोर पानी त् होतो। तोत्यार हात ओगु कोरीन आपसान चा ढोन्ड्या मा ली लेदो। 10 तोत्यार ओवी सात दाहड़ा वीत गोया ने, हुयो तेनीत पेरवी काजे ढोन्ड्या मा सी ओळी उड़ाय देदो: 11 आरु पेरवी सान्ती क टेम ओका पास मा आय लागी, ती काय देख्यो की ओकी चोंच मा जैतुन क एक पान्टो छ: एना सी नुह जान लेदो की जळ धोरती पोर गोथो घोट गोयो। 12 ओळतेन नुह सात दाहड़ा आरु वाट जुवीन तेनीत पेरवी क उड़ाय दिदो: आरु ओळतेन ची पेरवी तेरेनचा पोछी फीरीन नी आवी।