जनम रईन आंधवा द्रूष्टिदान
1 जातु जातु त्यो एक मानसो काजे देख्यु जु जनम रईन आँधवु हतु। 2 हेरेन चेला ओका सी पुछा, "हे गुरू, कुन पाप कर्यु हतु कि यु आँधवु जनायु, यु मानसन क ओका आवी–बासन?" 3 ईशु जवाब देदु, "नी ते यु पाप कर्यु हतु, नी ओको माय बास; पुन एरकरीन हुयो क यहोव–भगवानन काम ओका प्रकट होय।" 4 जु मखे मकल्यु छे, हामु हेरेन कामन दाहाड़ाम काम करनो जरूरी छे; ची रात आवनेवावी छे जीनाम कोय काम नी कर सके। 5 9:5 मत्ती 5:14; यहुन्ना 8:12जव तक हाव जगत मा छे, तव तक अमरकाय प्रकाश छे। 6 यो कयीन त्यो धरती पर थूकलु, आरू तीन थूकसे धरती जारयु, आरू त्यो धरती तीन आंधवान डुवा पर लागाड़ीन 7 त्यो कयो, "जा, शीलोहन ढाबरू मा धुव ले" शीलोहन मतलब मकल्यु छे। त्यो जाईन धुव्यु, आरू देखतु ओसु वापस आयु। 8 तव साथेवावा आरू जा पेहल उका भीख मांगता देख्या हता, कयनो लाग्या, "काय यु त्यो नी, जु भोठि भोठिन भीख मांग्या करे हतु?" 9 काहय मानसे कयो, "यु त्यो छे" दिसरा कयो, "नी, पुन ओका सारको कोय दिसरो छे।" त्यो कयो, "हाव त्योज छे।" 10 तव चाँ उका पूछने लाग्या, "तार डुवा कोसा खुल गया?" 11 त्यो जवाब देदु, "ईशु नावन एक व्यक्ति धरती जारयु, आरू मार डुवा पर लागाड़ीन मखे कयो, शीलोह मा जाईन धुव ले, शेवली कावा हाव गयु आरू धुव्या आरू देखने लाग्या।" 12 चाँ यकाह पूछा, "त्यो क छे?" हेरेने कयो, "हाव नी जानतु।"