7 ओतरो होय कि तु हियाव बाँधीन आरु मजबुत वातड़ो होईन जी नियममार दास मुसु तुखे आप देदु छे उना सब क अनसारे करने मा चोक्सी करनु; आरु उका सी नी ते डाखरे वोगे फिरनु आरु नी जेवड़े, तव जा जा तु जासे चा तारो काम सफल होयसे। 8 नियम क यी किपात तार चित्त सी कभी नी उतरसे, ओका मा दाहड़ुन रात ध्यान दी रवजी, एरकरता कि जो काहय उका मा लिखलो छे उका अनसारे करने क तु चोक्सी करे; काहकी ओसोज करने सी तारा सब काम सफल होयसे, आरु तु प्रभावशाली होयसे। 9 काय हाव तुखे आदेश नी देदु? हिमत बाँधीन वातड़ो हुय जा; बीह मा, आरु थार मन कोमजुर नी होयनो जुवे; काहकी जा जा तु जासे चा चा तार योहोवा परमेश्वर तार साथे रवसे।"
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