27 तबेकमारे जे ख्रीष्टके अनादर करके प्रभुक रोटी खाइत, या प्रभुक खोरियामेसे अंगुरके रस पिअत, उ मनैया प्रभुक शरीर और खुनहे अपवित्र बनैलकमे दोषी ठहरी। 28 प्रत्येक मनै अपन आघे अपन व्यवहार सही बा कि नै हो कहिके जाँचित, तब किल ऊ प्रभुक रोटी खाए, और प्रभुक खोरियामेसे अंगुरके रस पिए। 29 काकरेकी ख्रीष्टके शरीरहे बिना आदर कर्ले केऊ रोटी खाइत, और खोरियामेसे अंगुरके रस पिअत कलेसे ऊ परमेश्वरके न्याय अपन उप्पर अप्निहीँ नानत।
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