Pular para o conteúdo
Publicidade

निउतरह्या 2

17 आखििनमअसिकहिपरमवर कथाँ।

सकमननहिआतहम

और िईछवन अगमवीँ।

और िजवमनदरशन ीँ।

और िइल मनसपनीँ।

18 समयमे, अपन बक और िकनहअपन आतहम

और ओइनअगमवीँ।

19 उपपर आकशमअचममक चमत

और तर, आगऔर ुँवक ोँजक बदअचममक ि

20 रभमहऔर रवमय िअइनआघ

और ाँ हस

21 और समयसआघे-परमपरभिीँ,

सकि ीँ।’"

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também