चेलनके प्राथना
23 पत्रुस और यूहन्ना छुट्के अपन संघरियनके थेन गैलाँ। और मुख्य पुजारी और यहूदी दलके नेतनके कलक सक्कु बात ओइने अपन संघरियनहे बतादेलाँ। 24 यी सुनके ओइने सक्कु जाने एक्के मन बनाके बरका आवाजमे परमेश्वरसे प्राथना करलाँ, "हे प्रभु, अप्निए हुइती जे स्वर्ग, पृथ्वी, समुन्दर और ओइन्केमे रहल सक्कु प्राणीनहे बनैली। 25 अप्नि पवित्र आत्मक माध्यमसे अपन सेबक हमार पुर्खा दाऊदके मुहेँसे कली।
‘गैर-यहूदिनके काकरे रिसैथाँ।
और मनै काकरे बिनाकामक षड़यन्त्र बनैथाँ?
26 ख्रीष्ट प्रभु और हुँकार अभिषेक करल मनैयक विरोधमे पृथ्वीक रज्वन एकजुट हुइलाँ।
और शासकहुँक्रे एक ठाउँमे जमा होगिलाँ।’
27 जात्तिकमे अप्निक अभिषेक कर्लक अप्निक पवित्र सेबक येशूक विरोधमे हेरोद रज्वा और पन्तियस राजपाल पिलातस दुनु जाने गैर-यहूदी और इजरायलीनके संग यहे शहरमे जमा हुइल रहिँत। 28 ओइने वहे करलाँ, ज्या अप्निक शक्ति और इच्छामे पैलेहेँ तय होगिल रहे कि अस्तेहेँके हुई परी। 29 आब हे प्रभु, ओइन्के धम्कीहे सुनी; और अपन दासहुँक्रिहिनहे अप्निक वचन पूरा हिम्मतसे सुनाई दैदी। 30 और चोख्वाइक लग अप्नि अपन हाँथ बह्राई कि चमत्कारके चिन्हा और अचम्मक काम अप्निक पवित्र सेबक येशूक नाउँसे होए।" 31 जब ओइने प्राथना करके सेक्लाँ ते जहाँ ओइने जमा हुइल रहिँत, उ ठाउँ हिलगिलस। और ओइने सक्कु जाने पवित्र आत्मासे भरगिलाँ। और ओइने परमेश्वरके वचन हिम्मतसे सुनैती रलाँ।