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निउतरह्या 8

30 ििरकरथकलगगल और उहिपरमवरकअगमवकयशयक िपहरत नकउहिुँछल, "अपि पहरती, अपि झती?" 31 तबकहल, "यदि महिकलििकम" तबििपहअनकरल ि रथमचहुँरकओकर और ििओकर ठगिलस32 आब ओकर पहरलक पविमनिखणरहे।

"जसिेँरवटक लग िरहत

पठऊन कटइयनकिमचरहत

ओसजब मनुँिुःाँ े।

अपन ाँ।

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