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मत्ती 16

पतसक

13 जब सरिशहरकििनगरकलगरहिँतब अपन लनहुँाँ, "मनै, मनयक कहिकथाँ?" 14 ओइनजवाँ, "मनोँाँ ि अपि हनइती, मननहि हतमनोँाँ ि अपि परमवरकअगमवकएलिइती। और ोँचत यरिऔर मनोँाँ ि अपि परमवरकभवियवकएकथइती।" 15 तब ओइनुँाँ, "कथो, इतुँ?" 16 िपतजवहल, "अपि इती, िपरमवरका।"

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