मनैयक छावक अइना दिन
29 येशू कलाँ, "उ दिनमे डरलग्तिक संकटके समय ओराके सेकी ते सूर्य और जोन्ह्याँ ओजरार देहे छोरदिहीँ। तोरैँ आकाशमेसे गिरजिहीँ, और आकाशके सक्कु शक्ति यहोँरओहोँर डगमगाजिहीँ। 30 तब् मनैयक छावक चिन्हा आकाशमे देखा परी। और पृथ्वीक सक्कु जातिन छाती ठथैहीँ। और ओइने मै, मनैयक छावाहे आकाशके बद्रीमे शक्ति और बरवार महिमक संग आइत देख्हीँ। 31 मै, मनैयक छावा अपन स्वर्गदूतनहे तुरहीक भारी आवाजके संग पठैम। और ओइने आकाशके एक छोरसे दोसुर छोरसम चारु ओहोँरसे ओइन्हे जमा करहीँ, जेनहे मै चुनल बतुँ।"