दशथो कुँवारीनके दृष्टान्त
1 तब् येशू अपन चेलनहे कलाँ, "जब मै, मनैयक छावा फिर्ता अइम, तब परमेश्वरके राज असिन रही: दुल्हन्यक दशथो कुवाँरी संघरियन अपन-अपन दिया लेके भोजाहा उत्सवमे दुल्हाहे भेँटा करे गैलाँ। 2 ओइन्मेसे पाँच जाने निर्बुद्धि और पाँच जाने बुद्धिमति रहिँत। 3 जब निर्बुद्धि कुँवारीन अपन दिया लैगिलाँ। तब् ओइने अपन संग फादिल तेल भर नै लैगिलाँ। 4 पर बुद्धिमति कुँवारीन भर अपन दियक संगसंगे फादिल तेल फेन लैगिलाँ। 5 दुल्हा जब बेर करल, तब उ सक्कु जाने निंदेलेके ओँघाई लग्लाँ, और निदागिलाँ। 6 पर आधा रातके ‘हेरो, दुल्हा आगिल, उहिहे भेँटा करे आऊ’, कना आवाज आइल। 7 तब् उ सक्कु कुवाँरीन जागगिलाँ, और अपन-अपन दिया ठीकठाक परलाँ। 8 निर्बुद्धि कुवाँरीन बुद्धिमति कुवाँरीनहे कलाँ, ‘तुहुरिन्के तेलमेसे हम्रिहिन्हे थोरचुन देऊ, काकरेकी हमार दिया ते बुते लागल।’ 9 पर बुद्धिमति कुँवारीन असिक कहिके जवाफ देलाँ, ‘हम्रिहिन और तुहुरिन्हे दुनु जहनहे पुग्ना धेउर तेल नै हुई, बेन दोकानमे जाऊ और अपन लग किनो।’ 10 जब ओइने किने गैलाँ तब् दुल्हा आपुगल, और तयार रहुइयन ओकर संग भोजाहा घरेम पैँठ्गिलाँ और दवार बन्द होगिल। 11 पाछेसे उ बाँकी कुवाँरीन फेन फिर्ता आपुग्लाँ, और रो-रोके दुल्हाहे असिक कहे लग्लाँ, ‘प्रभु, प्रभु हमार लग दवार खोलदी!’ 12 पर ऊ जवाफ देके कहल, ‘जात्तिके, मै तुहुरिन्हे कहतुँ, मै तुहुरिन्हे नै चिन्थुँ।’" 13 तब येशू कलाँ, "तबेकमारे जागल रहो। काकरेकी मोरिक फिर्ता अइना उ दिन और उ समय तुहुरे नै जानल हुइतो।"