धन्य वचन
3 "धन्य हुइँत उ मनै, जेने अपन लग परमेश्वरके जरुरीक महसुस करथाँ।
काकरेकी स्वर्गक राज ओइनेहेन्के हो।
4 धन्य हुइँत उ मनै, जेने शोक करथाँ।
काकरेकी परमेश्वर ओइन्हे सान्त्वना दिहीँ।
5 धन्य हुइँत उ मनै, जेने नम्र बताँ,
ओइन्केमे परमेश्वर अपन वाचा पूरा करहीँ।