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मत्ती 9

ईथधर मन

27 जब ौँघरइतििँतब ईथधर मन"ऊद रजवक सन, हमउपपर दयकरी" कहिहरुँे-गगिाँ। 28 जब अपन रनघराँ। तब ुँरहल धर मनुँअइलाँ। ओइनुँाँ, "िकदरम कहििकरथो?" ओइनकलाँ, "ाँ, रभु! हमिकरि अपि हमििकदरी।" 29 तबओइनकलाँ, "करकदरथुँ कहििकरथो। तबकमिो।" 30 तबओइनाँ िाँ। असिकहिओइनकड़ा आजाँ, "िबति िलग करु!"

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