5 या रीति हे नवजुवान खे तुम भी धर्म बापदादा का अधीन र्हेव का तुम एक दुसरा की सेवा को करण का लिये विन्रमता धारण कर क्युकि शास्त्र करस हइ. परमेश्वर अभीमानीहोन को विरोध करस हइ, पन दीन पर अनुग्रह करस हइ. 6 येका लिये परमेश्वर खे मजबुत हात का नीचे दीनता से र्हेव, जेमे से व्हा तुमखे उचित टेम पर बडायो.