3 क्युकी परमेश्वर की इच्छा या हइ, कि तुम पवित्र हुइ जयखे अरु व्यभिचार से पुरी रीति से मेत हुइ जा. 4 अरु तुम मे से हर एक जन पवित्र अरु आदर से खुद कि लुगेन का सात कसो जिवन जीये उ जानो. 5 अरु यो काम अभिलाषा से नी, अरु नी गैरयहूदीहोन का जसो कि इन खे परमेश्वर को ज्ञान नी हइ.
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