डबलआन का लिये तैयार ऱ्हेनो
1 पर हे विश्वासी साथिहोन, येकी कोय जरुरत नी कि टेम अरु तारीक का बारे मे तुमारा लिये कुछ लिखन कि जरुरत नी. 2 क्युकि तु भोत अच्छा से जानस हइ कि चोर रात खे चुपचाप से आस हइ, असो ही प्रभु को दिन आन को हइ. 3 जब दुन्या बोली रास हुये खे जब सब शांती हइ, अरु सुरक्षित हइ, ते उन पर एक-एक विनाश ए गिरस, जो प्रकार दिन से हुय बय पर दुख. अरु वे कोय रीति से नी बचे. 4 पर हे विश्वासी साथिहोन, तुम अंधारा मे वास हुये खे कि उ दिन तुम पर चोर का जसो चुपचाप से आये. 5 तुम सब तो ज्योति का दुन्या हइ, जो दिन को हइ, हम रात का अरु नी अधारो से समध्दित हइ.