20 सब से बडी बात या हइ कि तुमखे यो समजी लेन होनु कि पवित्रशास्त्र कि कोय भी भविष्यव्दाणी को भविष्यवक्ता का नीजी से दियो गयो स्पष्टिकरण नी हइ 21 क्युकी कोय भी भविष्यव्दाणी इन्सान का इच्छा से कभी नी हुयो पन भक्त झन पवित्र आत्मा का वजेसे जय खे परमेश्वर की तरप से बोलतो थो.