10 जो दुख तोखे हि झेलनु हुये वोका से मत डर. देख, सैतान तुम मे से कोय खे जेलखाना मे डालन आला हइ क्युकि तुम पैछानी जाह्ये. अरु तुम दस दिन तक दुख वुठानु पड्ये. जान देना तक विश्वासी ऱ्हेव, ते मी विजय जिवन को मुकुट दिह्यु.
10 जो दुख तोखे हि झेलनु हुये वोका से मत डर. देख, सैतान तुम मे से कोय खे जेलखाना मे डालन आला हइ क्युकि तुम पैछानी जाह्ये. अरु तुम दस दिन तक दुख वुठानु पड्ये. जान देना तक विश्वासी ऱ्हेव, ते मी विजय जिवन को मुकुट दिह्यु.