4 व्हा वुनकी आख से सब आसु पोछी डाल्हे. अरु येका बाद मरन को नी र्हियेका अरु नी शोक नी विलाप को नी पीडा र्हिये पयली बात जाती र्हेस."
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4 व्हा वुनकी आख से सब आसु पोछी डाल्हे. अरु येका बाद मरन को नी र्हियेका अरु नी शोक नी विलाप को नी पीडा र्हिये पयली बात जाती र्हेस."