4 जब तू परमेश्वर का लिये मन्नत माने, तब ओखे पुरो करना मे देर नी करनु; क्युकी उ मूर्खहोन से प्रसन्न नी होय. जो मन्नत तो ने मानी हुये ओखे पूरी करनु.5:4 भजन संहिता 66:13-14 5 मन्नत मानीखे पूरी नी करना से मन्नत खे नी माननो ही अच्छो हइ.
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4 जब तू परमेश्वर का लिये मन्नत माने, तब ओखे पुरो करना मे देर नी करनु; क्युकी उ मूर्खहोन से प्रसन्न नी होय. जो मन्नत तो ने मानी हुये ओखे पूरी करनु.5:4 भजन संहिता 66:13-14 5 मन्नत मानीखे पूरी नी करना से मन्नत खे नी माननो ही अच्छो हइ.