14 पर जो कोय उ पानी मे से पीये जो मी ओखे दियु, उ फिर पिडमपिडि तक प्यासो नी हुये. क्युकी जो पानी मी ओखे दियु, उ ओमे एक झरनो बनी जाये, जो अनन्त जिवन का लिये उमडतो र्हिये"
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14 पर जो कोय उ पानी मे से पीये जो मी ओखे दियु, उ फिर पिडमपिडि तक प्यासो नी हुये. क्युकी जो पानी मी ओखे दियु, उ ओमे एक झरनो बनी जाये, जो अनन्त जिवन का लिये उमडतो र्हिये"